यजुर्वेद (अध्याय 29)
इ॒मा ते॑ वाजिन्नव॒मार्ज॑नानी॒मा श॒फाना॑ सनि॒तुर्नि॒धाना॑।अत्रा॑ ते भ॒द्रा र॑श॒नाऽअ॑पश्यमृ॒तस्य॒ याऽअ॑भि॒रक्ष॑न्ति गो॒पाः ॥ (१६)
हे बलवान मेघ देव! आप जिनजिन को साचते हैं, हम उनउन को देखते हैं. आप के खुरों के निशान हम ने देखे हैं. यहां आप की कल्याणकारी रस्सी है, जो ग्वालों व अमरता की रक्षा करती है. (१६)
O mighty Megh Dev! We see those whom you save. We have seen the marks of your hooves. Here is your welfare rope, which protects cowherds and immortality. (16)