हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

अध्याय 29 के सभी मंत्र

यजुर्वेद अध्याय 29 के सभी मंत्र हिंदी अर्थ के साथ

यजुर्वेद (अध्याय 29)

यजुर्वेद:
समि॑द्धोऽअ॒ञ्जन् कृद॑रं मती॒नां घृ॒तम॑ग्ने॒ मधु॑म॒त् पिन्व॑मानः।वा॒जी वह॑न् वा॒जिनं॑ जातवेदो दे॒वानां॑ वक्षि प्रि॒यमा स॒धस्थ॑म् ॥ (१)
हे अग्नि! आप समिधा को प्रज्वलित करें. आप मतिमान के हदय के प्रिय भावों को भी देवों तक पहुंचाइए. आप मधुर घी का सेवन कीजिए. आप सर्वज्ञ हैं. आप हवि बहन कर के बलशाली देवता को उसे भेंट कीजिए. (१)
O agni! You ignite the samidha. You also convey the dear feelings of the heart of the mind to the gods. You should consume sweet ghee. You are omniscient. You offer it to the powerful god by doing havi sister. (1)

यजुर्वेद (अध्याय 29)

यजुर्वेद:
घृ॒तेना॒ञ्जन्त्सं प॒थो दे॑व॒याना॑न् प्रजा॒नन् वा॒ज्यप्ये॑तु दे॒वान्।अनु॑ त्वा सप्ते प्र॒दिशः॑ सचन्ता स्व॒धाम॒स्मै यज॑मानाय धेहि ॥ (२)
हे अग्नि! आप देवताओं का पथ घी से अभिषिंचित व उन्हें हवि से आप्यायित (प्रसन्न) कर दीजिए. आप सातों दिशाएं सींच दीजिए. आप यजमान के लिए स्वधा धारिए. (२)
O agni! You anoint the path of the gods with ghee and please them with love. You water all seven directions. You save yourself for the host. (2)

यजुर्वेद (अध्याय 29)

यजुर्वेद:
ईड्य॒श्चासि॒ वन्द्य॑श्च वाजिन्ना॒शुश्चाऽसि॒ मेध्य॑श्च सप्ते।अ॒ग्निष्ट्वा॑ दे॒वैर्वसु॑भिः स॒जोषाः॑ प्र॒ीतं वह्निं॑ वहतु जा॒तवे॑दाः ॥ (३)
हे अग्नि! आप सर्वज्ञ हैं. आप वसुओं से प्रेम रखते हैं. आप प्रीतिपूर्वक अग्नि को ले जाने व अन्न को पवित्र कीजिए. आप बंदनीय हैं. (३)
O agni! You are omniscient. You love vasus. You lovingly carry the agni and sanctify the food. You are detainable. (3)

यजुर्वेद (अध्याय 29)

यजुर्वेद:
स्ती॒र्णं ब॒र्हिः सु॒ष्टरी॑मा जुषा॒णोरु पृ॒थु प्रथ॑मानं पृथि॒व्याम्।दे॒वेभि॑र्यु॒क्तमदि॑तिः स॒जोषाः॑ स्यो॒नं कृ॑ण्वा॒ना सु॑वि॒ते द॑धातु ॥ (४)
देवताओं से युक्‍त अदिति देवी प्रसन्नता सहित सविता देव को धारण करें. अदिति देवी का कुश का आसन विस्तृत है. अदिति देवी सुखदायी हैं. अदिति देवी पृथ्वी पर अपनी विशालता से फैली हुई हैं. (४)
Aditi Devi with gods should wear Savita Dev with happiness. Aditi Devi's posture of Kush is wide. Aditi Devi is happy. Aditi Devi is spread on earth with her vastness. (4)

यजुर्वेद (अध्याय 29)

यजुर्वेद:
ए॒ताऽउ॑ वः सु॒भगा॑ वि॒श्वरू॑पा॒ वि पक्षो॑भिः॒ श्रय॑माणा॒ऽउदातैः॑।ऋ॒ष्वाः स॒तीः क॒वषः॒ शुम्भ॑माना॒ द्वारो॑ दे॒वीः सुप्राय॒णा भ॑वन्तु ॥ (५)
देवी के द्वार सौभाग्यदाता, बहुत स्वरूप व पंख के आकार वाले हैं. खोलते और बंद करते समय वे उदात्त ध्वनि करते हैं. ऋषि, सती और कवियों द्वारा खोले जाने पर जाने में सुकर हों. (५)
The doors of the goddess are blessed, very shaped and wing-shaped. They make sublime sounds when opening and closing. Be happy to go when opened by sages, satis and poets. (5)

यजुर्वेद (अध्याय 29)

यजुर्वेद:
अ॒न्त॒रा मि॒त्रावरु॑णा॒ चर॑न्ती॒ मुखं॑ य॒ज्ञाना॑म॒भि सं॑विदा॒ने।उ॒षासा॑ वासुहिर॒ण्ये सु॑शि॒ल्पेऽऋ॒तस्य॒ योना॑वि॒ह सा॑दयाभि ॥ (६)
हे रात्रि और उषा देवी! आप स्वर्णमयी, श्रेष्ठ शिल्पी व ऋत की योनि हैं. हम यहां आप को स्थापित करते हैं. आप मित्र देव और वरुण देव के बीच भ्रमण करती हैं. आप यज्ञ का मुख हैं. आप यज्ञ को ज्योतित (प्रकाशित) करने वाली हैं. (६)
O Ratri and Usha Devi! You are the golden, the best craftsman and the vagina of the heart. We install you here. You travel between friends Dev and Varun Dev. You are the mouth of the yajna. You are going to light the yajna. (6)

यजुर्वेद (अध्याय 29)

यजुर्वेद:
प्र॒थ॒मा वा॑ꣳसर॒थिना॑ सु॒वर्णा॑ दे॒वौ पश्य॑न्ताै॒ भुव॑नानि॒ विश्वा॑।अपि॑प्रयं॒ चोद॑ना वां॒ मिमा॑ना॒ होता॑रा॒ ज्योतिः॑ प्र॒दिशा॑ दि॒शन्ता॑ ॥ (७)
दोनों देव प्रथम वंदनीय, सारथी युक्त रथ बाले और श्रेष्ठ वर्ण बाले हैं. आप सभी भुवनों को देखते हुए जाते हैं. आप यजमानों को उन के प्रिय कामों के लिए प्रेरित करते हैं. आप दिशाओं और प्रदिशाओं को प्रकाशित करते हैं. (७)
Both the gods are the first venerable, chariot bale with charioteer and the best varna bale. You go looking at all bhuvans. You inspire the hosts to do their favorite deeds. You publish directions and directions. (7)

यजुर्वेद (अध्याय 29)

यजुर्वेद:
आ॒दि॒त्यैर्नो॒ भार॑ती वष्टु य॒ज्ञꣳ सर॑स्वती स॒ह रु॒द्रैर्न॑ऽआवीत्।इडोप॑हूता॒ वसु॑भिः स॒जोषा॑ य॒ज्ञं नो॑ देवीर॒मृते॑षु धत्त ॥ (८)
आदित्य गणों के साथ भारती देवी व रुद्रगणों के साथ सरस्वती देवी हमारे यज्ञ की रक्षा करने की कृपा करें. बसुओं के साथ आमंत्रित इड़ा देवी यज्ञ की रक्षा करने व हमारे लिए अमृत धारने की कृपा करें. (८)
May Bharati Devi with Aditya Ganas and Saraswati Devi with Rudraganas please protect our yajna. Please protect the Ida Devi Yagya invited with the Basus and to take nectar for us. (8)
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