यजुर्वेद (अध्याय 29)
आ सु॒ष्वय॑न्ती यज॒तेऽउपा॑केऽउ॒षासा॒नक्ता॑ सदतां॒ नि योनौ॑।दि॒व्ये योष॑णे बृह॒ती सु॑रु॒क्मेऽअधि॒ श्रिय॑ꣳ शुक्र॒पिशं॒ दधा॑ने ॥ (३१)
ज्ञ में उषा और रात्रि देवी भलीभांति सुशोभित होने की कृपा करें. दोनों देवियां दिव्य कार्य करने वाली, विशाल, आभूषणों से युक्त व कपिश रंग की हैं, वे भलीभांति अधिष्ठित होने की कृपा करें. (३१)
May Usha and Ratri Devi be well adorned in the night. Both the goddesses are divine work, huge, adorned with ornaments and of kapish color, please be well established. (31)