यजुर्वेद (अध्याय 29)
आ नो॑ य॒ज्ञं भार॑ती॒ तूय॑मे॒त्विडा॑ मनु॒ष्वदि॒ह चे॒तय॑न्ती।ति॒स्रो दे॒वीर्ब॒र्हिरेद स्यो॒नꣳ सर॑स्वती॒ स्वप॑सः सदन्तु ॥ (३३)
हमारे यज्ञ में भारती देवी, इड़ा देवी और सरस्वती देवी पधारने की कृपा ककर. तीनों देवियां मनुष्यों को चेताने और कुश के आसन पर विराजने की कृपा करें. (३३)
In our yajna, Bharti Devi, Ida Devi and Saraswati Devi were pleased to come. May the three goddesses be pleased to warn human beings and sit on the seat of Kush. (33)