यजुर्वेद (अध्याय 29)
आ॒दि॒त्यैर्नो॒ भार॑ती वष्टु य॒ज्ञꣳ सर॑स्वती स॒ह रु॒द्रैर्न॑ऽआवीत्।इडोप॑हूता॒ वसु॑भिः स॒जोषा॑ य॒ज्ञं नो॑ देवीर॒मृते॑षु धत्त ॥ (८)
आदित्य गणों के साथ भारती देवी व रुद्रगणों के साथ सरस्वती देवी हमारे यज्ञ की रक्षा करने की कृपा करें. बसुओं के साथ आमंत्रित इड़ा देवी यज्ञ की रक्षा करने व हमारे लिए अमृत धारने की कृपा करें. (८)
May Bharati Devi with Aditya Ganas and Saraswati Devi with Rudraganas please protect our yajna. Please protect the Ida Devi Yagya invited with the Basus and to take nectar for us. (8)