हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 3.33

अध्याय 3 → मंत्र 33 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
ते हि पु॒त्रासो॒ऽअदि॑तेः॒ प्र जी॒वसे॒ मर्त्या॑य। ज्योति॒र्यच्छ॒न्त्यज॑स्रम् ॥ (३३)
वे तीनों देव अदिति देव के पुत्र है. वे मनुष्यों को दीर्घ जीवन और कभी क्षीण न होने बाली ज्योति प्रदान करते हैं. (३३)
All three of them are sons of Aditi Dev. They provide human beings with a long life and never-ending light. (33)