यजुर्वेद (अध्याय 33)
बृ॒हन्निदि॒ध्मऽए॑षां॒ भूरि॑ श॒स्तं पृ॒थुः स्वरुः॑।येषा॒मिन्द्रो॒ युवा॒ सखा॑ ॥ (२४)
इंद्र देव युवा, हमारे सखा, विशाल व शत्रुनाश हैं. वे बहु प्रशंसित और सामर्थ्यशाली हैं. (२४)
Indra Dev is young, our friend, great and enemy. They are highly acclaimed and powerful. (24)