यजुर्वेद (अध्याय 33)
इन्द्र॑वायूऽइ॒मे सु॒ताऽउप॒ प्रयो॑भि॒रा ग॑तम्। इन्द॑वो वामु॒शन्ति॒ हि ॥ (५६)
हे इंद्र देव! हे वायु! आप के इन पुत्रों ने आप के लिए सोमरस निचोड़ कर तैयार किया है. आप सोमरस को ग्रहण करने के लिए पधारिए. इंद्र देव और वायु देव हमें शांति प्रदान करने की कृपा करें. (५६)
O Indra Dev! O wind! These sons of yours have prepared for you by squeezing somerus. You come to receive somersa. May Indra Dev and Vayu Dev bless us with peace. (56)