यजुर्वेद (अध्याय 33)
अनु॑ ते॒ शुष्मं॑ तु॒रय॑न्तमीयतुः क्षो॒णी शिशुं॒ न मा॒तरा॑।विश्वा॑स्ते॒ स्पृधः॑ श्नथयन्त म॒न्यवे॑ वृ॒त्रं यदि॑न्द्र॒ तूर्व॑सि ॥ (६७)
हे इंद्र देव! जैसे मातापिता अपने शिशु को संरक्षण देते हैं वैसे ही आप हमें संरक्षण दीजिए. जब आप शत्रु से स्यद्धां करते हैं. तब सारी शन्रु सेना भयभीत हो जाती है. (६७)
O Indra Dev! Just as parents protect their baby, you protect us. When you fight the enemy. Then the entire Shanru army gets scared. (67)