हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 33.86

अध्याय 33 → मंत्र 86 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
इ॒न्द्र॒वा॒यू सु॑स॒न्दृशा॑ सु॒हवे॒ह ह॑वामहे।यथा॑ नः॒ सर्व॒ऽइज्जनो॑ऽनमी॒वः स॒ङ्गमे॑ सु॒मना॒ऽअस॑त् ॥ (८६)
हे इंद्र देव! हे वायु! आप अच्छी तरह से आह्वान के योग्य हैं. हम अच्छी तरह आप का आह्वान करते हैं, जिस से हमारे सभी (आत्मीय) जन रोग रहित व श्रेष्ठ मन वाले हो जाएं. (८६)
O Indra Dev! O wind! You are well worthy of the invocation. We call upon you very well, so that all our (intimate) people become disease-free and superior-minded. (86)