यजुर्वेद (अध्याय 33)
च॒न्द्रमा॑ऽअ॒प्स्वन्तरा सु॑प॒र्णो धा॑वते दि॒वि। र॒यिं पि॒शङ्गं॑ बहु॒लं पु॑रुस्पृह॒ꣳ हरि॑रेति॒ कनि॑क्रदत् ॥ (९०)
सोम देव चंद्रमा के भीतर से निकले हैं. सोम देव दीप्तिमान (चमकदार) व रंगबिरंगे हैं. वे घन गर्जना के साथ स्वर्गलोक की ओर दौड़ते हैं. वे हम पर धन की वर्षा करने की कृपा करें. (९०)
Som Dev has emerged from within the moon. Som Dev is bright and colorful. They run towards paradise with a thick roar. May they shower wealth on us. (90)