यजुर्वेद (अध्याय 34)
प्र नू॒नं ब्रह्म॑ण॒स्पति॒र्मन्त्रं॑ वदत्युक्थ्यम्।यस्मि॒न्निन्द्रो॒ वरु॑णो मि॒त्रोऽअ॑र्य॒मा दे॒वाऽओका॑सि चक्रि॒रे ॥ (५७)
निश्चित रूप से ब्रह्मणस्पति विधिविधान के साथ उक्थों को (वैदिक मंत्रों को) उचारते हैं. इन मंत्रं में इंद्र देव, वरुण देव, मित्र देव, अर्यमा देव व अन्य देव चास करते हैं. (५७)
Of course, Brahmanaspati recites the ukthas (Vedic mantras) with the law. In these mantras, Indra Dev, Varun Dev, Mitra Dev, Aryama Dev and other gods chase. (57)