हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 6.5

अध्याय 6 → मंत्र 5 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
तद्विष्णोः॑ पर॒मं प॒दꣳ सदा॑ पश्यन्ति सूरयः॑। दि॒वीव॒ चक्षु॒रात॑तम् ॥ (५)
शूरवीर सदैव विष्णु का परम पद स्वर्गलोक में छाए हुए प्रकाश के समान देखते हैं. (५)
Knights always see the supreme position of Vishnu as the light in heaven. (5)