यजुर्वेद (अध्याय 8)
उ॒प॒या॒मगृ॑हीतोऽस्यादि॒त्येभ्य॑स्त्वा। विष्ण॑ऽउरुगायै॒ष ते॒ सोम॒स्तꣳ र॑क्षस्व॒ मा त्वा॑ दभन् ॥ (१)
हे सोम देव! आदित्य देव की तरह आप को कलश में ग्रहण करते हैं. हे विष्णु! हम आप के लिए स्तोत्र गाते हैं. आप सोमरस व हमारी रक्षा कीजिए. कोई भी आप का दमन न कर सके. (१)
O Som Dev! Like Aditya Dev, you are accepted in the kalash. O Vishnu! We sing hymns to you. You protect Somers and us. No one can suppress you. (1)