यजुर्वेद (अध्याय 8)
अग्ना३इ पत्नी॑वन्त्स॒जूर्दे॒वेन॒ त्वष्ट्रा॒ सोमं॑ पिब॒ स्वाहा॑। प्र॒जाप॑ति॒र्वृषा॑सि रेतो॒धा रेतो॒ मयि॑ धेहि प्र॒जाप॑तेस्ते॒ वृष्णो॑ रेतो॒धसो॑ रेतो॒धाम॑शीय ॥ (१०)
हे अग्नि! आप पत्नी सहित त्वष्टा देव की भांति सोमपान कीजिए. हम आप के लिए आहुति समर्पित करते हैं. हे प्रजापति! आप वीर्य धारक हैं. आप हमें वीर्यवान बनाइए. आप पराक्रमी हैं. आप हमारे लिए पराक्रम धारिए. हम वीर्यवान च शक्तिशाली हों. (१०)
O agni! You should drink sompan like tvashta dev with wife. We dedicate sacrifices to you. O Prajapati! You are a semen holder. You make us semen. You are mighty. You hold might for us. We are powerful. (10)