यजुर्वेद (अध्याय 8)
विव॑स्वन्नादित्यै॒ष ते॑ सोमपी॒थस्तस्मि॑न् मत्स्व। श्रद॑स्मै नरो॒ वच॑से दधातन॒ यदा॑शी॒र्दा दम्प॑ती वा॒मम॑श्नु॒तः। पुमा॑न् पु॒त्रो जा॑यते वि॒न्दते॒ वस्वधा॑ वि॒श्वाहा॑र॒पऽए॑धते गृ॒हे ॥ (५)
हे आदित्य! आप सोमरस पी कर प्रसन्न होइए. जो यजमान दंपती श्रेष्ठ वचनों से इन की उपासना करते हैं, श्रद्धा रखते हैं उन के पुरुषार्थी पुत्र पेदा होते हैं. धनधान्य भरपूर रहते हैं. घर में सुखशांति रहती है. (५)
O Aditya! You are happy to drink somerosa. The host couples who worship them with the best words and have faith, their masculine sons are peda. Money is abundant. There is peace and happiness in the house. (5)