हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 8.7

अध्याय 8 → मंत्र 7 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
उ॒प॒या॒मगृ॑हीतोऽसि सावि॒त्रोऽसि चनो॒धाश्च॑नो॒धाऽअ॑सि॒ चनो॒ मयि॑ धेहि। जिन्व॑ य॒ज्ञं जिन्व॑ य॒ज्ञप॑तिं॒ भगा॑य दे॒वाय॑ त्वा सवि॒त्रे ॥ (७)
हम ने कलश ग्रहण कर लिया है. सविता देव अन्नदाता हैं. वह हमें अनन प्रदान करने की कृपा करें. आप हमारे लिए अन्न धारिए व यज्ञपति का यज्ञ पूरा कराइए. हम अपने सौभाग्य के लिए सविता देव की उपासना करते हैं. (७)
We have taken the urn. Savita Dev is the food provider. May He be pleased to give us anan. You should save food for us and complete the yajna of yajnapati. We worship Savita Dev for our good fortune. (7)