अथर्ववेद (कांड 1)
निरर॑णिं सवि॒ता सा॑विषक्प॒दोर्निर्हस्त॑यो॒र्वरु॑णो मि॒त्रो अ॑र्य॒मा । निर॒स्मभ्य॒मनु॑मती॒ ररा॑णा॒ प्रेमां दे॒वा अ॑साविषुः॒ सौभ॑गाय ॥ (२)
सब को प्रेरणा देने वाले सविता देव, वरुण देव, मित्र एवं अर्यमा देव हमारे हाथों और पैरों में स्थित असौभाग्य सूचक लक्षणों को दूर कर दें. अनुमति देवी, 'भय मत करो', कहती हुई हमारे शरीर में वर्तमान सभी बुरे लक्षणों को निकाल दें. इंद्र आदि देवों ने इस अनुमति देवी को हमें सौभाग्य देने के लिए प्रेरित किया है. (२)
May Savita Dev, Varun Dev, Friends and Aryama Dev, who inspire everyone, remove the unfortunate symptoms located in our hands and feet. Permission Devi, 'Don't be afraid', remove all the bad symptoms present in our body. Indra adi devas have inspired this permission goddess to give us good luck. (2)