हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 1.23.3

कांड 1 → सूक्त 23 → मंत्र 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 1)

अथर्ववेद: | सूक्त: 23
असि॑तं ते प्र॒लय॑नमा॒स्थान॒मसि॑तं॒ तव॑ । असि॑क्न्यस्योषधे॒ निरि॒तो ना॑शया॒ पृष॑त् ॥ (३)
हे नील नामक ओषधि! तेरे उत्पन्न होने का स्थान काले रंग का होता है. तू काले रंग की होती है, इसलिए तू कुष्ठ रोग के कारण दूषित अंग के सफेद रंग और बालों के पकने को दूर कर. (३)
O medicine called Neel! The place of your birth is black. You are black in color, so remove the white color of the contaminated organ and the ripening of hair due to leprosy. (3)