हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 1.6.3

कांड 1 → सूक्त 6 → मंत्र 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 1)

अथर्ववेद: | सूक्त: 6
आपः॑ पृणी॒त भे॑ष॒जं वरू॑थं त॒न्वे॑३ मम॑ । ज्योक्च॒ सूर्यं॑ दृ॒शे ॥ (३)
हे जल! तुम मेरे रोगों का निवारण करने के लिए ओषधियां प्रदान करो. अधिक समय तक सूर्य के दर्शन करने के लिए तुम मेरे शरीर को पुष्ट करो. (३)
O water! You provide medicines to cure my diseases. Strengthen my body to see the sun for a longer time. (3)