हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 10.1.23

कांड 10 → सूक्त 1 → मंत्र 23 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 10)

अथर्ववेद: | सूक्त: 1
भ॑वाश॒र्वाव॑स्यतां पाप॒कृते॑ कृत्या॒कृते॑ । दु॒ष्कृते॑ वि॒द्युतं॑ देवहे॒तिम् ॥ (२३)
कृत्या का निर्माण करने वाला पापी है. भव और शर्व उस के विनाश के लिए विद्युत को प्रेषित करें जो देवों का शस्त्र है. (२३)
The creator of the act is a sinner. Bhava and Sharva should transmit electricity for the destruction of him, which is the weapon of the gods. (23)