अथर्ववेद (कांड 10)
ह॒तास्तिर॑श्चिराजयो॒ निपि॑ष्टासः॒ पृदा॑कवः । दर्विं॒ करि॑क्रतं श्वि॒त्रं द॒र्भेष्व॑सि॒तं ज॑हि ॥ (१३)
तिरश्चिराजी सांप मार दिए गए हैं और पृदाकू नामक सांप पीस डाले गए है. हे दर्वी! तू दभो पर पड़े हुए सफेद और काले करिकृत सांपों का विनाश कर दे. (१३)
Tirshchiraji snakes have been killed and snakes called Pridaku have been grinded. O Darvi! You destroy the white and black karikarita snakes lying on the dabho. (13)