हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 10.4.14

कांड 10 → सूक्त 4 → मंत्र 14 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 10)

अथर्ववेद: | सूक्त: 4
कै॑राति॒का कु॑मारि॒का स॒का खन॑ति भेष॒जम् । हि॑र॒ण्ययी॑भि॒रभ्रि॑भिर्गिरी॒णामुप॒ सानु॑षु ॥ (१४)
किरात जाति की कुमारी कुदाल से सर्पो की ओषधि खोजती है. वह पर्वतों की चोटियों पर सोने के फावड़ों से ओषधि खोदती है. (१४)
The kumari of kirat jati searches for sarpo's medicine with a spade. She digs medicine with gold shovels on the peaks of the mountains. (14)