अथर्ववेद (कांड 10)
इन्द्रो॒ मेऽहि॑मरन्धयन्मि॒त्रश्च॒ वरु॑णश्च । वा॑तापर्ज॒न्यो॒भा ॥ (१६)
इंद्र, मित्र, वरुण, वायु और पर्जन्य अर्थात् बादल ने सर्प को मेरे वश में कर दिया है. (१६)
Indra, Mitra, Varuna, Vayu and The Rainy, that is, the cloud, have taken the snake under my control. (16)