हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 10.9.22

कांड 10 → सूक्त 9 → मंत्र 22 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 10)

अथर्ववेद: | सूक्त: 9
यत्ते॒ पुच्छं॒ ये ते॒ बाला॒ यदूधो॒ ये च॑ ते॒ स्तनाः॑ । आ॒मिक्षां॑ दुह्रतां दा॒त्रे क्षी॒रं स॒र्पिरथो॒ मधु॑ ॥ (२२)
हे शतौदना गौ! तेरी जो पूंछ, तेरे जो बाल, तेरा जो ऐन एवं जो थन हैं, वे तेरे दानदाता को सदा दही, मीठा दूध और घी देते रहें. (२२)
O Shataudana Gau! May your tail, your hair, your ann and your udder always give curd, sweet milk and ghee to your donor. (22)