अथर्ववेद (कांड 11)
अस्थि॑ कृ॒त्वा स॒मिधं॒ तद॒ष्टापो॑ असादयन् । रेतः॑ कृत्वाज्यं॑ दे॒वाः पुरु॑ष॒मावि॑शन् ॥ (२९)
हड्डियों को समिधा बना कर पहले कहे गए आठ प्रकार के जलों ने पुरुष के शरीर में प्रवेश किया. वीर्य को घृत बना कर देवों ने पुरुष के शरीर में प्रवेश किया. (२९)
By making bones samidha, the eight types of water mentioned earlier entered the man's body. The gods entered the man's body by making semen. (29)