हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 11.12.18

कांड 11 → सूक्त 12 → मंत्र 18 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 11)

अथर्ववेद: | सूक्त: 12
क्र॒व्यादा॑नुव॒र्तय॑न्मृ॒त्युना॑ च पु॒रोहि॑तम् । त्रिष॑न्धे॒ प्रेहि॒ सेन॑या जयामित्रा॒न्प्र प॑द्यस्व ॥ (१८)
हे त्रिषंधि देव! हमारे सामने स्थित शत्रु के पीछे मांसभक्षी पशु चलें. तुम हमारी सेना के साथ जाओ और हमारे शत्रुओं का विनाश करने के लिए उन में घुसो. (१८)
O Trishandhi Dev! Let carnivorous animals follow the enemy in front of us. You go with our army and enter them to destroy our enemies. (18)