हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 11.12.19

कांड 11 → सूक्त 12 → मंत्र 19 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 11)

अथर्ववेद: | सूक्त: 12
त्रिष॑न्धे॒ तम॑सा॒ त्वम॒मित्रा॒न्परि॑ वारय । पृ॑षदा॒ज्यप्र॑णुत्तानां॒ मामीषां॑ मोचि॒ कश्च॒न ॥ (१९)
हे त्रिषंधि! तुम हमारे शत्रुओं को अंधकार के द्वारा घेर लो. हमारे यज्ञ कार्य में तुम दही से मिले भात को खाने के लिए बुलाए गए हो. तुम हमारे शत्रुओं में से एक को भी जीवित मत छोड़ो. (१९)
O trishandhi! You surround our enemies with darkness. In our yajna work, you have been called to eat the rice received from curd. Don't leave even one of our enemies alive. (19)