अथर्ववेद (कांड 11)
शि॑तिप॒दी सं द्य॑तु शर॒व्ये॒यं चतु॑ष्पदी । कृत्ये॒ऽमित्रे॑भ्यो भव॒ त्रिष॑न्धेः स॒ह सेन॑या ॥ (६)
श्वेत चरणों वाली गाय, चार चरणों वाली हो कर तथा बाणों का समूह बना कर हमारे शत्रुओं को प्राप्त हो. हे कृत्यारूपिणी गौ! तू त्रिषंधि देव के समान हमारे शत्रुओं का संहार करने वाली बन. (६)
The cow with white feet, with four steps and making a group of arrows, should our enemies get it. This is the act! You become like Trishandhi Dev, the destroyer of our enemies. (6)