अथर्ववेद (कांड 11)
यामिन्द्रे॑ण सं॒धां स॒मध॑त्था॒ ब्रह्म॑णा च बृहस्पते । तया॒हमि॑न्द्रसं॒धया॒ सर्वा॑न्दे॒वानि॒ह हु॑व इ॒तो ज॑यत॒ मामुतः॑ ॥ (९)
हे बृहस्पति देव! इंद्र और प्रजापति देव के साथ जो आपने प्रतिज्ञा की है. मैं उस देव सेना को उस संग्राम में बुलाता हूं. हे बुलाए गए देव! हमारी सेना को विजय प्रदान करो हमारे शत्रु सैनिकों को विजय मत प्रदान करो. (९)
O Swami Jupiter! With Indra and Prajapati Dev, what you have promised. I call that dev army to that war. O God is called! Give victory to our army, do not give victory to our enemy soldiers. (9)