अथर्ववेद (कांड 11)
नमः॑ सा॒यं नमः॑ प्रा॒तर्नमो॒ रात्र्या॒ नमो॒ दिवा॑ । भ॒वाय॑ च श॒र्वाय॑ चो॒भाभ्या॑मकरं॒ नमः॑ ॥ (१६)
हे रुद्र! तुम्हें सायंकाल, प्रातःकाल, रात्रि में एवं दिन में नमस्कार है. हे भव और शर्व! मैं बुम दोनों को नमस्कार करता हूं. (१६)
O Rudra! Salutations to you in the evening, morning, night and day. O Bhava and Sharva! I salute both of them. (16)