हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 11.3.14

कांड 11 → सूक्त 3 → मंत्र 14 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 11)

अथर्ववेद: | सूक्त: 3
ऋ॒चा कु॒म्भ्यधि॑हि॒तार्त्वि॑ज्येन॒ प्रेषि॑ता ॥ (१४)
विराटू रूप ओदन को पकाने वाली बटलोई ऋग्वेद में अग्नि पर रखी है और यजुर्वेद ने इस में आग जलाई है. (१४)
Batloi, which cooks the Viratu form Odan, is placed on agni in the Rig Veda and Yajurveda has lit agni in it. (14)