हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 11.3.18

कांड 11 → सूक्त 3 → मंत्र 18 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 11)

अथर्ववेद: | सूक्त: 3
च॒रुं पञ्च॑बिलमु॒खं घ॒र्मो॒भीन्धे॑ ॥ (१८)
गाय, अश्च, पुरुष, बकरी, भेड़ की उत्पत्ति का कारण विराट्‌ ही चरु अर्थात्‌ ओदन पकाने का पात्र है. सूर्य की धूप उसे गरम करती है. (१८)
The reason for the origin of cow, ash, man, goat, sheep is the huge charu i.e. the vessel of cooking odan. The sun's sun warms it up. (18)