हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 11.3.28

कांड 11 → सूक्त 3 → मंत्र 28 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 11)

अथर्ववेद: | सूक्त: 3
परा॑ञ्चं चैनं॒ प्राशीः॑ प्रा॒णास्त्वा॑ हास्य॒न्तीत्ये॑नमाह ॥ (२८)
यदि तुम ने पराङ्मुख हो कर ब्रह्मौदन खाया है, तो प्राण तुम्हें त्याग देंगे. ऐसे ओदन खाने वाले की महिमा को विद्वान्‌ बताएं. (२८)
If you have eaten Brahmaodana in front of you, then life will forsake you. Scholars tell the glory of such an odan eater. (28)