अथर्ववेद (कांड 11)
नम॑स्ते अस्त्वाय॒ते नमो॑ अस्तु पराय॒ते । नम॑स्ते प्राण॒ तिष्ठ॑त॒ आसी॑नायो॒त ते॒ नमः॑ ॥ (७)
हे प्राण देव! तुझ आते हुए को नमस्कार है और वापस जाते हुए को नमस्कार है. हे प्राण देव! तुझ स्थिर रहने वाले को तथा बैठे हुए को नमस्कार है. (७)
O Life God! Salutations to the one who comes and salutations to those who go back. O Life God! Salutations to those who are still and to those who are sitting. (7)