हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 11.8.19

कांड 11 → सूक्त 8 → मंत्र 19 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 11)

अथर्ववेद: | सूक्त: 8
विश्वा॑न्दे॒वानि॒दं ब्रू॑मः स॒त्यसं॑धानृता॒वृधः॑ । विश्वा॑भिः॒ पत्नी॑भिः स॒ह ते नो॑ मुञ्च॒न्त्वंह॑सः ॥ (१९)
हम सच्ची प्रतिज्ञा वाले, सत्य अथवा यज्ञ की वृद्धि करने वाले सभी देवों की स्तुति करते हैं. वे अपनी पत्नियों के साथ यहां हमारे यज्ञ में आएं और हमें पाप से मुक्त करें. (१९)
We praise all the gods who have true promises, who increase the truth or yajna. They should come here with their wives to our yagna and free us from sin. (19)