हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 11.9.24

कांड 11 → सूक्त 9 → मंत्र 24 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 11)

अथर्ववेद: | सूक्त: 9
ऋचः॒ सामा॑नि॒ च्छन्दां॑सि पुरा॒णं यजु॑षा स॒ह । उच्छि॑ष्टाज्जज्ञिरे॒ सर्वे॑ दि॒वि दे॒वा दि॑वि॒श्रितः॑ ॥ (२४)
ऋग्वेद और सामवेद के मंत्र, छंद, यजुर्वेद के सहित प्राचीन मंत्र, स्वर्ग और स्वर्ग में स्थित देव—ये सभी यज्ञ रूपी ब्रह्म से उत्पन्न हुए हैं. (२४)
The ancient mantras, including the mantras, verses, yajurveda of rigveda and samaveda, gods located in heaven and heaven - all of them originated from Brahma in the form of yajna. (24)