हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 11.9.7

कांड 11 → सूक्त 9 → मंत्र 7 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 11)

अथर्ववेद: | सूक्त: 9
रा॑ज॒सूयं॑ वाज॒पेय॑मग्निष्टो॒मस्तद॑ध्व॒रः । अ॑र्काश्वमे॒धावुच्छि॑ष्टे जी॒वब॑र्हिर्म॒दिन्त॑मः ॥ (७)
राजसूय, वाजपेय और अग्निष्टोम नाम के यज्ञ हिंसा रहित हैं. अर्क, अश्वमेध, जीवबर्हि तथा मादक सोमयाग-ये सभी उच्छिष्ट अर्थात्‌ होम से शेष बचे भात में आश्रित हैं. (७)
Yagyas named Rajasuya, Vajpeya and Agnishtom are violence-free. Ark, Ashwamedha, Jeevabarhi and Intoxicating Somayag - all of them are dependent on the rice left from the uchishta i.e. home. (7)