अथर्ववेद (कांड 12)
भूमे॑ मात॒र्नि धे॑हि मा भ॒द्रया॒ सुप्र॑तिष्ठितम् । सं॑विदा॒ना दि॒वा क॑वे श्रि॒यां मा॑ धेहि॒ भूत्या॑म् ॥ (६३)
हे पृथ्वी माता! मुझे मंगलमय प्रतिष्ठा प्रदान करो. हे विश! मुझे लक्ष्मी और विभूति में स्थित रखती हुई स्वर्ग प्रदान कराओ. (६३)
O Mother Earth! Give me a wonderful reputation. O wish! Give me heaven in Lakshmi and Vibhuti. (63)