अथर्ववेद (कांड 12) अथर्ववेद: 12.11.6 | सूक्त: 11 प्र स्क॒न्धान्प्र शिरो॑ जहि ॥ (६) हे अघ्न्या! तू अपने अपहरणकर्ता को नष्ट कर दे. (६) O Aghnya! Destroy your kidnapper. (6)