हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 12.2.20

कांड 12 → सूक्त 2 → मंत्र 20 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 12)

अथर्ववेद: | सूक्त: 2
सीसे॒ मलं॑ सादयि॒त्वा शी॑र्ष॒क्तिमु॑प॒बर्ह॑णे । अव्या॒मसि॑क्न्यां मृ॒ष्ट्वा शु॒द्धा भ॑वत य॒ज्ञियाः॑ ॥ (२०)
हे पुरुषो! सिर के रोग को तकिए में स्थापित करो. मल को सीसे में तथा काली भेड़ में शुद्ध कर के स्वयं शुद्ध बनो. (२०)
O men! Install head disease in pillows. Purify the feces in lead and black sheep and become pure yourself. (20)