अथर्ववेद (कांड 12)
से॒दिरु॑प॒तिष्ठ॑न्ती मिथोयो॒धः परा॑मृष्टा ॥ (१३)
यह गाय स्पर्श करने पर आपस में युद्ध कराती है तथा समीप खड़ी होने पर विदीर्ण अर्थात् टुकड़ेटुकड़े कर देती है. (१३)
This cow fights among themselves when touched and breaks down when standing nearby. (13)