हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 12.8.6

कांड 12 → सूक्त 8 → मंत्र 6 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 12)

अथर्ववेद: | सूक्त: 8
मू॑ल॒बर्ह॑णी पर्याक्रि॒यमा॑णा॒ क्षितिः॑ प॒र्याकृ॑ता ॥ (६)
ब्राह्मण की चुराई हुई गाय को अगर बेचा जाए तो चुराने वाले को जड़ से उखाड़ देती है. बेचने के बाद यह चुराने वाले को क्षीण करती है. (६)
If the stolen cow of a Brahmin is sold, it uproots the stolen one. After selling, it weakens the stealer. (6)