अथर्ववेद (कांड 13)
अ॒यं व॑स्ते॒ गर्भं॑ पृथि॒व्या दिवं॑ वस्ते॒ऽयम॒न्तरि॑क्षम् । अ॒यं ब्र॒ध्नस्य॑ वि॒ष्टपि॒ स्वर्लो॒कान्व्यानशे ॥ (१६)
सूर्य पृथ्वी के गर्भ को, आकाश और अंतरिक्ष को भी ढक लेते हैं. ये संपूर्ण संसार के प्रकाशक हैं और सभी स्वरों में व्याप्त होते हैं. (१६)
The sun also covers the earth's womb, the sky and space. They are the illuminators of the whole world and pervade all tones. (16)