अथर्ववेद (कांड 13)
अ॑वा॒चीना॒नव॑ ज॒हीन्द्र॒ वज्रे॑ण बाहु॒मान् । अधा॑ स॒पत्ना॑न्माम॒कान॒ग्नेस्तेजो॑भि॒रादि॑षि ॥ (३०)
हे शक्तिशाली भुजाओं वाले इंद्र! तुम हमारे शत्रुओं को मारो. हे अग्नि! तुम अपनी ज्वालाओं से उन्हें भस्म कर दो. (३०)
O Indra with powerful arms! You kill our enemies. O agni! You consume them with your flames. (30)