अथर्ववेद (कांड 14)
दे॒वस्ते॑ सवि॒ताहस्तं॑ गृह्णातु॒ सोमो॒ राजा॑ सुप्र॒जसं॑ कृणोतु । अ॒ग्निः सु॒भगां॑ ज॒तवे॑दाः॒पत्ये॒ पत्नीं॑ ज॒रद॑ष्टिं कृणोतु ॥ (४९)
सविता देव तेरा पाणिग्रहण करें. राजा लोग तुझे उत्तम संतान वाली बनाएं. जातवेद अग्नि पति के लिए सौभाग्य वाली स्त्री को वृद्धावस्था तक जीवित रहने वाली बनाएं. (४९)
Savita Dev, please take care of you. Kings should make you a good child. Jataveda Agni should make a woman of good fortune to live till old age. (49)