अथर्ववेद (कांड 14)
त्वष्टा॒ वासो॒व्यदधाच्छु॒भे कं बृह॒स्पतेः॑ प्र॒शिषा॑ कवी॒नाम् । तेने॒मां नारीं॑ सवि॒ताभग॑श्च सू॒र्यामि॑व॒ परि॑ धत्तां प्र॒जया॑ ॥ (५३)
हे शुभे! इस कल्याणकारी वस्त्र को बृहस्पति की आज्ञा से त्वष्टा ने बनाया है. सविता तथा भग देवता सूर्या के समान ही इस स्त्री को इस वस्त्र के द्वारा संतान आदि से संपन्न बनाएं. (५३)
Oh good! This welfare cloth has been made by Tvashta by the order of Jupiter. Like Savita and Bhaga Devta Surya, make this woman endowed with children etc. through this cloth. (53)