अथर्ववेद (कांड 14)
भग॑स्ततक्षच॒तुरः॒ पादा॒न्भग॑स्ततक्ष च॒त्वार्युष्प॑लानि । त्वष्टा॑ पिपेश मध्य॒तोऽनु॒वर्ध्रा॒न्त्सा नो॑ अस्तु सुमङ्ग॒ली ॥ (६०)
भग देवता ने इस के पैरों के लिए चार आभूषणों को तथा शरीर पर धारण करने योग्य चार फूलों को बनाया है. उन्होंने कमर में पहनने योग्य करधनी बनाई है. इन आभूषणों को धारण कर के यह स्त्री उत्तम मंगलमयी बने. (६०)
The God of God has made four ornaments for his feet and four flowers to wear on the body. He has made a wearable kardhani in the waist. By wearing these ornaments, this woman became the best auspicious. (60)