हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 14.2.11

कांड 14 → सूक्त 2 → मंत्र 11 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 14)

अथर्ववेद: | सूक्त: 2
मावि॑दन्परिप॒न्थिनो॒ य आ॒सीद॑न्ति॒ दम्प॑ती । सु॒गेन॑ दु॒र्गमती॑ता॒मप॑द्रा॒न्त्वरा॑तयः ॥ (११)
जो दस्यु दंपती के समीप आना चाहते हैं, वे इन्हें प्राप्त न कर सकें. हम इस दुर्गम मार्ग को सुगमता से पार करें तथा हमारे शत्रु दुर्गति में पड़ें. (११)
Those who want to come close to the bandit couple could not get them. We should cross this inaccessible path easily and our enemies fall into misery. (11)