हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 15.7.2

कांड 15 → सूक्त 7 → मंत्र 2 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 15)

अथर्ववेद: | सूक्त: 7
तं प्र॒जाप॑तिश्चपरमे॒ष्ठी च॑ पि॒ता च॑ पिताम॒हश्चाप॑श्च श्र॒द्धा च॑ व॒र्षंभू॒त्वानु॒व्यवर्तयन्त ॥ (२)
उस के साथ प्रजापति, परमेष्ठी, पिता, पितामह श्रद्धा और वृष्टि हो कर रहने लगे. (२)
Prajapati, Parmeshti, Father, Pitamah shraddha and Vrishti started living with him. (2)